17 April, 2013

25 मई से 7 जून, 2013 तक मुन्स्यारी ग्रीष्म महोत्सव मनाया जाना

दिंनाक 8 अप्रैल, 2013 को मिलन केन्द्र, मुन्स्यारी में मल्ला जोहार विकास समिति ने डा. आर.एस.टोलिया जी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें मुन्स्यारी-जोहार से संबन्धित विभिन्न समस्याओं आदि पर चर्चा की गई।

मंच पर ड़ा. आर.एस.टोलिया और कै. गोविन्द सिंह पाँगती



उपस्थित लोग

उपरोक्त के अलावा टोलिया जी ने इस वर्ष से गर्मियों में होने वाले टूर्नामेन्ट के अवसर पर एक पखवाड़े का ग्रीष्म महोत्सव मनाने का प्रस्ताव किया जिसका सभी ने स्वागत किया। यह भी निर्णय लिया गया कि इस महोत्सव का नाम मुन्स्यारी ग्रीष्म महोत्सव रखा जायेगा तथा इसको मनाने व कार्यान्वयन की जिम्मेदारी विभिन्न संस्थाओं से सहयोग कर जोहार शौका केन्द्रीय समिति, हल्द्वानी की होगी । केन्द्रीय समिति पर्यटन विकास बोर्ड से वित्तिय सहयोग पाने के लिये भी कार्यवाही करेगी।


इस प्रस्तावित गर्मियों में होने वाले टूर्नामेन्ट तथा अन्य कार्यक्रमों के अलावा मुनस्यारी-जोहार के समग्र विकास, जो मुख्यतः पर्यटन से जुडा है, से संबन्धित विषयों पर संगोष्ठियाँ, हस्तशिल्प आदि पर प्रदर्शन व विक्रय भी आयोजित करे ताकि इऩ विषयों पर न सिर्फ विचारो का आदान प्रदान हो बल्कि शासन का ध्यान भी आकर्शित किया जा सके। अभी तक बनाये गये रुपरेखा में निम्नलिखित को शामिल करने का प्रस्ताव है-


(1) जोहार क्लब द्वारा फुटबाल, वावीबाल, कैरम, शतरंज, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, मुर्गा झपट, मिनी मैराथन इत्यादि का पिछले वर्षो की भाँति आयोजन करना।

(2) जिला चिकित्सा स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन विभाग के सहयोग से जोहार मुन्स्यारी डाक्टरस एसोसिएसन द्वारा स्वास्थ्य मेले का आयोजन।

(3) जनजाति हैरिटेज संग्रहालय द्वारा संगोष्टी।
हैरिटेज म्यूजियम में नये प्रदर्श

(4) उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के सहयोग से जोहार शौका केन्द्रीय समिति तथा मल्ला जोहार विकास समिति द्वारा मुन्स्यारी-जोहार क्षेत्रो में पर्यटन के विकास तथा नये आयामो जैसे रोपवे, शीतकालीन खेलों, साहसिक पर्यटन, राफ्टिंग इत्यादि की संभावनांओ पर संगोष्ठी।

(5) दून विश्वविद्यालय तथा उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से शिक्षा पर संगोष्टी तथा इनमें पर्यटन संबन्धी विशयों को शामिल करने पर चर्चा।

(6) जोहार सांस्कृतिक व कल्याण समिति, हल्द्वानी द्वारा उऩके कार्यक्रम गैल पातल जिसमें विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृहत वृक्षारोपण संगोष्ठि का आयोजन।

(7) जोहार सहयोग निधि, अलमोड़ा द्वारा युवाओं तथा ग्रामीणो में प्लास्टिक के नुकसान के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा स्थानीय गधेरों, नालो व झरनों से प्लास्टिक कचरे की सफाई अभियान जिससे आगन्तुक पर्यटकों को साफ सुथरा मुन्स्यारी देखने को मिले।
भालू खोल्टा, मुन्स्यारी  में प्लास्टिक कचरे का विखराव
(8) शौका जनजाति महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तकला, ऊनी वस्तुओं का सरस मार्केटिंग सेटर में प्रदर्षन व विक्रय।

(9) उत्तराखण्ड पुलिस व वन विभागों के सहयोग से कानून और व्यवस्था तथा सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी। इसमें जोहार-मुन्स्यारी में आने वाले पर्यटको की सुरक्षा की समस्यायों आदि पर विशेष चर्चा की जायेगी।

(10) बन पंचायतों तथा चिया, नैनीताल (CHEA-Central Himalayan Environmental Association) के सहयोग से बन पंचायत तथा पर्यटन में इनका योगदान विषय पर संगोष्ठी।

(11) उत्तराखण्ड जनजाति समन्वयन कमेटी, देहरादून के सहयोग से जनजाति उत्थान द्वारा क्षेत्र मे पर्यटन को बढ़ावा।

(12) मल्ला जोहार विकास समिति, मुन्स्यारी के वार्षिक दिवस व संगोष्ठी।

(13) सौंग एण्ड ड्रामा डिभीजन के द्वारा 3 दिनों का पर्याटकों तथा स्थानीय लोगो के मनोरंजन हेतु रंगारंग कार्यक्रम।

(14) जोहार सांस्कृतिक व कल्याण समिति, हल्द्वानी स्थानीय तथा बाहर के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।

(15) सीमांन्त सड़क संगठन तथा पी.डब्लू.डी. विभागों के सहयोग से जोहार मुनस्यारी के सड़कों, जो यहाँ के पर्यटन का मुख्य आधार है, पर संगोष्टी।

उपरोक्त के अलावा भी यदि आपके या आपके संस्था के पास कोई अन्य उपयोगी प्रस्ताव है तो कृपया हमें (जोहार शौका केन्द्रीय समिति, हल्द्वानी) समय रहते बताने की कृपा करे। केन्द्रीय समिति द्वारा पर्यटन विकास बोर्ड को सहयोग राशि प्रदन करने के वारे में भी लिखा जा रहा है। परन्तु हमें सिर्फ उस पर आश्रित न रह कर अपने से भी समुचित आर्थिक व्यवस्ता करनी है। अतः आपसे अनुरोध है कि आप उपरोक्त मुन्स्यारी ग्रीष्म महोत्सव का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करे तथा यथायोग्य आर्थिक योगदान भी देने की कृपा करें।

साथ ही आप सभी शौकाओं तथा शौका संस्थाओं से अनुरोध है कि आप उपरोक्त महोत्सव में शामिल होकर इसे सफल बनाये ताकि इसे हर वर्ष नियमित महोत्सव के रूप में स्थापित किया जा सके। इस संबन्ध में आपके ट्टिपणीयों व सुझावों का स्वागत है जो आप हमें निम्नलिखित पतो पर भेज सकते हैं।


1 श्री दुर्गा सिंह रावत,VSM
अध्यक्ष, जोहार शौका केन्द्रीय समिति,
मल्ली बमोरी, बलवन्त कालोनी(दो नहरिया के पास)
पो. आ.- भोटिया पड़ाव, हल्द्वानी, जिला नैनीताल-263141
दूरभाष- 05946-284050, मो. 9997601001

2. श्री सत्यावान सिंह जंगपाँगी,
महासचिव, जोहार शौका केन्द्रीय समिति,
गौरी निवास, 5/15 जोहार नगर,(शिवमंदिर के निकट)
पो. आ.- भोटिया पड़ाव, हल्द्वानी, जिला नैनीताल-263141
दूरभाष- 05946-220095, मो. 9412000651

16 September, 2012

ग्रीन एवं क्लीन मिलम ग्लेशियर अभियान, 2012


जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसाईटी, हल्द्वानी का एक आठ सदस्यीय दल मल्ला जोहार के गाँवो के  अभियान, ग्रीन एवं क्लीन मिलम ग्लेशियर अभियान,  पर आज 16 सितम्बर को हल्द्वानी से रवाना हुवा जिसमें निम्नलिखित सदस्य हैः-
1.                श्री देवेन्द्र सिंह धर्मस्क्तू, हल्द्वानी
2.               श्री भूपेन्द्र सिंह पाँगती, हल्द्वानी
3.               श्री हरेन्द्र सिंह धर्मस्क्तू, हल्द्वानी
4.               श्री दीवान सिंह जंगपांगी, हल्द्वानी
5.              श्री खड़क सिंह रावत, हल्द्वानी
6.             श्री ध्रुव सिंह मर्तोलिया, हल्द्वानी
7.              श्री भूपेश सिंह पाँगती, हल्द्वानी तथा
8.             श्री प्रयाग सिंह रावत, मुम्बई

अभियान उदेश्यः-
अभियान में पड़ने वाले गाँवों में ग्रामवासियों के सहयोग से  कूड़ा कचरा की सफाई, पर्यावरण जागरूकता तथा वृक्षारोपण। 22-23 सिंतम्बर को मिलम ग्राम में  ग्रामवासियों, आई.टी.वी.पी. तथा बार्डर रोड के सहयोग से मिलम ग्लेशियर से यथा संभव कचरा साफ करना पर्यावरण जागरूकता पर खुली बहस तथा वृक्षारोपण  और नन्दाष्टमी  में सहभागिता।

अभियान प्रोग्राम (मुन्स्यारी से)-
18 सितम्बर- लीलम
19 सितम्बर- बोग्डार
20 सितम्बर- लास्पा
21- 23 सितम्बर- मिलम
24 सितम्बर- बुर्फू
25 सितम्बर- मर्तोली
26-27 सितम्बर- बोग्डार
 16 सितम्बर सुबह 7.30 बजे को दल जोहार नगर में एकत्रित हुवा और उनकी रवानगी पर शौका महिलाओं ने तिलक लगाकर अभियान की सफलता हेतु शुभकामनायें दी। 
 श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती, अध्यक्ष जोहार मिलन केन्द्र, श्री दुर्गा सिंह रावत, अध्यक्ष जोहार शौका केन्द्रीय समिति तथा डा. नारायण सिंह पाँगती, अध्यक्ष जोहार मुन्स्यारी डाक्टर्स एसोसिएशन नें दल को हरी झंडी हिला कर रवाना किया।
 हम सभी उनके सफल अभियान की कामना करते हैं।

13 September, 2012

जोहार मिलन केन्द्र हल्द्वानी में 15 अगस्त


जोहार मिलन केन्द्र, हल्द्वानी  में पहिली बार 15 अगस्त प्रातः 8 बजे अध्यक्ष, जोहार शौका केन्द्रीय समिति द्वारा झंडारोहण  किया गया जिसमें काफी संख्या में लोगों ने उपस्थिति दी। 

सायंकाल 5.30 बजे जोहार मिलन केन्द्र में एक विशेष बैठक मिलन केन्द्र अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी के अध्यक्षता में  सम्पन्न हुयी। बैठक का सभा संचालन श्री भूपेन्द्र सिंह पाँगती ने किया। यह विशेष बैठक श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. कमान्डर बीएसएफ, द्वारा अपनी पुत्री स्व. कु. दीपा मर्तोलिया के दूसरे पुण्यतिथि जो 15 अगस्त को पडता है के स्मृति में जोहार मिलन केन्द्र, हल्द्वानी को सहयोग राशि प्रदान किये जाने के निर्णय पर आयोजित किया गया।

मंच पर श्री देवेन्द्र सिंह धर्मसक्तू, अध्यक्ष जोहार वैलफेयर व सांस्कृतिक संगठन, हल्द्वानी, श्रीमती तारा जंगपांगी, अध्यक्षा, जोहार महिला संगठन, हल्द्वानी तथा श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया, को आमंत्रित किया गया।

श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. बनराजि अधिकारी नें आज से ठीक दो वर्ष पूर्व हुये कु. दीपा मर्तोलिया की हत्या तथा उससे उत्पन्न हुये शौका जनआक्रोश जो चार दिन तक चला और जिसमें रं संस्था ने भी पूरा सहयोग दिया तथा कानूनी कार्यवाही आदि के बारे में  सविस्तार बताया। फलस्वरूप पुलिस व शासन हरकत में आयी और इसके चलते मुख्य अभियुक्त दिनेश हैडिया ने पुलिस के आगे समर्पण किया तथा अंततोगत्वा आत्महत्या के प्रयत्न में पहिले अस्पताल तथा अंत में दिंवगत हुवा।

श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. कमान्डर बीएसएफ, ने कहा कि उनकी पुत्री दीपा मर्तोलिया, मोना में सहायक अध्यपिका थीं और उसके द्वितीय पुण्यतिथि पर वे मिलनकेन्द्र के अधूरे निर्माण में सहयोग हेतु रु. 1,11,111/- का चेक प्रदान करते हैं तथा साथ ही परम पिता से प्रार्थना करते हैं कि वे जोहार मिलन केन्द्र को ऐसा आशिर्वाद दें कि वह सामाजिक कार्यों व आपसी सहयोग में उत्तरोत्तर वृद्धि करे। चेक अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी ने सधन्यवाद ग्रहण किया।

श्रीमती तारा जंगपांगी, अध्यक्षा, जोहार महिला संगठन ने कु दीपा की आत्मा के शान्ति तथा उनके परिवार को उस दुःख को वहन करने की भगवान से प्रार्थना की।

श्री कैलाश सिंह  धर्मसक्तू ने कहा कि कु. दीपा की यादे हमारे दिलों में बनी रहेंगी। इस अमानवीय कृत्य के दौरान सभी महिलायों, बच्चो व बुजुर्गों ने जो एकजुटता दिखाई वह सराहनीय था तथा आशा व्यक्त किया कि भविश्य में भी हम धटनाओं व दुर्धटनाओं में ऐसी ही प्रतिक्रिया व एकता का परिचय देगें।

श्रीमती चन्द्रा टोलिया नें 15 अगस्त के शुभअवसर पर सभी स्वतंत्रता सेनानियों का नमन किया तथा कहा कि अगर हम नये विचारो के अनुरूप इस दुर्धटना से पहिले प्रयास करते तो शायद कु. दीपा आज हमारे बीच एक शादीशुदा जिंदगी व्यतीत कर रही होती। उन्होने सभी का ध्यान हाल के समाचार की ओर आकर्षित किया जिसमें श्रीमती गंगोत्री टोलिया के मलेशिया में इन्टरनेशनल बैडमिन्टन में कांश्य पदक जीता।उनके मतानुसार शायद यह स्त्रीयों की उपेक्षा का नतीजा है। उन्होने सुझाव दिया कि श्रीमती गंगोत्री को उचित रूप में सम्मानित किया जाय।

श्री सत्यवान सिंह जंगपांगी ने कहा कि मिलन केन्द्र एक मंदिर के समान है। उन्हे यहाँ एक वर्ष से अधिक हो गया है और उन्होने पाया है कि यहाँ पर कुछ न कुछ होता रहता है। इसका लोकेशन बहुत ही बढ़िया है जो उसे बहुत उपयोगी बनाता है। अतः उसे इस प्रकार सशक्त करने के लिए श्री मर्तोलिया जी को धन्यवाद किया और आशा व्यक्त किया कि अब और लोग भी इस तरह की प्रेरणा लेंगे ओर इसे अधिक उपयोगी बनायेंगे।

श्री देवेन्द्र सिंह धर्मसक्तू ने समाज तथा अपने संगठन की ओर से कु. दीपा की आत्मा की शान्ति की कामना की। उन्होने श्री चन्द्र सिंह जी की सोच जिसमें उन्होने अपने पुत्री के स्मृति में धन देने की भूरी भूरि सराहना की तथा कहा कि जब तक यह मिलन केन्द्र रहेगा तब तक कु. दीपा की याद बनी रहेगी। उन्होने इस अवसर पर सभी शौकाओं के हल्द्वानी में विगत आरक्षण रैलियों में सक्रीय योगदान का भी आभार व्यक्त किया।

श्री सुन्दर सिह मर्तोलिया जी ने कहा कि दो वर्ष पहिले जब यह धटना हुयी थी वे यहाँ थे। हर व्यक्ति अपने बच्चो के लिये क्या क्या मंसूबे बनाता है परन्तु ऐसी अप्रिय धटना होने पर जो दुखः तकलीफ होती है वह जिसपे बीतती है वही जानता है। आज हम सभी श्रीमती व श्री मर्तोलिया जी के दुखः में शामिल हैं। उन्होने सभी उपस्थित व अन्य लोगों को संदेश देना चाहा  कि वे अपने बच्चो को अच्छे संस्कार दें तथा उनसे अपनापन बनाये रखें ताकि उस भाँति की दुखद धटनाओं की पुनरावर्ति न हो। अगर वे कुछ लीक से हट कर करना चाहते हैं तो उस पर वे, रिस्तेदार तथा समाज उपयुक्त विचार करें।

अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी ने कहा कि जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी कुर्बानी देकर इस दिन देश को आजादी दिलायी उसी भाँति कु. दीपा की कुर्बानी ने शौकाओं में एकता जगायी। अतः यह उचित होगा कि इस दिन को हम शौका एकता दिवस के रूप में भी मनायें। उन्होने श्री चन्द्र सिंह के इस कृत्य को भी एकता का ही रूप माना जिसमें उन्होने एक एक ईग्यारह की जगह 6 एक से लाख से अधिक बना दिया। मिलन केन्द्र के पदाधिकारियों की तरफ से उन्होने श्री चन्द्र सिंह को इस सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि उसका सही उपयोग होगा। इसके अलावा सूचित किया कि श्रीमती गंगोत्री टोलिया को जोहार महोत्सव में सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। उनके विचार में पैसे के सदुपयोग हेतु यहाँ कई संस्थाये हैं जिनमें मिलन केन्द्र की भूख अधिक है क्योकि इसके तिमंजिले में शीघ्र ही निर्माण करने का प्रस्ताव है तथा अपील किया कि सभी इसमें अपनी सहभागिता दें। अंत में उन्होने आशा व्यक्त किया कि कु. दीपा की स्मृतिपटल सामने लगेगा जो यहाँ के लोगों की आत्माओं को ठंडक पहुचायेगी। उन्होने Short Notice पर इस विशेष बैठक में आने के लिये सभी का आभार व्यक्त किया।

नरेन्द्र सिंह पाँगती, सचिव मिलन केन्द्र ने श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया जी को मिलन केन्द्र पर विश्वास जताने पर  आभार व्यक्त किया तथा उनको उनके धन का सही उपयोग का आश्वासन भी दिया और सभी आगुन्तकों को बैठक में आने का धन्यवाद कर सभा का समापन किया।

24 April, 2012

मुन्स्यारी मिलन केन्द्र बनवाने में दो प्रमुख मुन्स्यारी के व्यक्ति

पछले ब्लागो में आपने मुन्स्यारी मिलन केन्द्र के 6 अक्तूबर, 2011 को उदघाटन के बारे में जाना। अब मै आपको उसके ले-आउट रेखाचित्र को दिखा रहा हूँ ताकि आप मुन्स्यारी में उसकी स्थिति जान सके।
एक और रेखाचित्र मुन्स्यारी मिलन केन्द्र के कमरो आदि को दर्शा रहा है।

इस मुन्स्यारी मिलन केन्द्र को बनवाने में दो स्थानीय लोगो का मुख्य योगदान रहा जिनके बारे में कुछ और जानकारियाँ दी जो रही है।

श्री चन्द्र सिंह लस्पाल- 

श्री चन्द्र सिंह लस्पाल पुत्र श्री शोबन सिंह लस्पाल का जन्म 19 अप्रैल,1949 में हुवा। उन्होने प्राईमरी की परीक्षा रा. प्रा. विद्यालय, लास्पा से 1961 में पूरे ब्लाक में प्रथम स्थान पर प्राप्त किया। और हाई स्कूल 1966 में जी.आई.सी. मुन्सयारी से द्वितीय क्षेणी में पास की। तदुपरान्त वे  प्राईमरी विद्यालय में शिक्षक बन गये और निम्नलिखित स्थानो पर कार्य किया-
(1)               शिक्षक प्राथमिक विद्यालय, क्वीरी जीमियाँ  - 1969-1981
(2)               शिक्षक प्राथमिक विद्यालय, लास्पा  - 1981-1985
(3)               उ.प्रा. विद्यालय, जिमिघाट- 29.12.85- 25.8.87
(4)               उ.प्रा. विद्यालय, रांथी - 26.8.87- 1.7.93 (शिक्षा विभाग व जिलाधिकारी द्वारा 5 सितम्बर,1991 को प्रशस्ति पत्र प्राप्त)
(5)               पुनः स्वेच्छा से पदानवन लेकर प्रा. विद्यालय में प्रधानाध्यापक  के पद पर तिकसैन में 2.7.93 से कार्यरत।
(6)               दिनांक 10.6.2000से सेवानिवृत के तिथि 31.12.08 तक   एवं   में ब्लाक समन्वयक के रूप में कार्यरत । इस बीच परियोजना का लाभ पूरे जनपद के एकतिहाई हिस्सा विशेष खण्ड मुन्स्यारी को दिलाने में सहयोग-शिक्षामित्र की व्यवस्था- 107 जो धीरे धीरे पूर्ण शिक्षक के रूप में समायोजित हो रहे हैं। -68 शिक्षा आचार्यो की व्यवस्था जो शिक्षामित्र बन जोयेगे- मल्लाजोहार में लास्पा, वुर्फू, टोला व रालम में प्राथमिक विद्यालय खुलवाने में सहयोग- उन्हे दुख है कि यदि एक वर्ष की सेवा अधिक होती तो वुर्फू में जूनियर हाईस्कूल खोलने की उनकी मंशा पूर्ण हो पाती।
वर्तमान में- (1) जोहार क्लब में कोषाध्यक्ष
          (2) सीमान्त सेवानिवृत कर्मचारी संगठन मुन्स्यारी के सचिव
          (3) मुन्स्यारी विकास मंच के अध्यक्ष

श्री गोकर्ण सिंह मर्तोलिया-

श्री गोकर्ण सिंह मर्तोलिया पुत्र स्व. श्री प्रताप सिंह मर्तोलिया का जन्म 7 जुलाय,1949 को बला ग्राम में हुवा। इन्होने हाईस्कूल तक पढाई कर व्यवसाय में लग गये और वर्तमान में एक सफल ठेकेदार के रूप में प्रतिष्ठित हैं । उनकी रुचि सामाजिक कार्यो में भी है जिनमें निम्नलिखित कार्य उल्लेखनीय हैं-
(1)               बहुउद्देशीय सहकारी समिति मुन्स्यारी में दो कार्यकाल के अध्यक्ष रहे।
(2)               वर्ष 2006 से वर्ष 2008 तक जोहार क्लब के अध्यक्ष रहे।
(3)               वर्तमान में जोहार सहकारी विकास संघ लि. के प्रशासक के पद पर कार्यरत हैं।
(4)               राजनिति क्षेत्र में भारतीय जमता पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।